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Saturday, September 5, 2015

September 05, 2015

विवाह गीत (फिल्मों से) कुछ कुछ होता है / साजन जी घर आये

विवाह गीत (फिल्मों से)

कुछ कुछ होता है / साजन जी घर आये

 कब से आए हैं तेरे दूल्हे राजा
अब देर न कर जल्दी आजा

तेरे घर आया मैं आया तुझको लेने
दिल के बदले में दिल का नज़राना देने
मेरी हर धड़कन क्या बोले है सुन सुन सुन
साजन जी घर आए साजन जी घर आए
दुल्हन क्यूं शरमाए साजन जी घर आए

ऐ दिल चलेगा अब ना कोई बहाना
गोरी को होगा अब साजन के घर जाना
माथे की बिंदिया क्या बोले है सुन सुन सुन
साजन जी घर आए ...

दीवाने की चाल में फंस गई मैं इस जाल में
ऐ सखियों कैसे बोलो बोलो
मुझपे तो ऐ दिलरुबा तेरी सखियां भी फ़िदा
ये बोलेंगी क्या पूछो पूछो
जा रे जा झूठे तारीफ़ें क्यूं लूटे
तेरा मस्ताना क्या बोले है सुन सुन सुन
साजन जी घर आए ...

ना समझे नादान है ये मेरा एहसान है
चाहा जो इसको कह दो कह दो
छेड़ो मुझको जान के बदले में एहसान के
दे दिया दिल इसको कह दो कह दो
तू ये ना जाने दिल टूटे भी दीवाने
तेरा दीवाना क्या बोले है सुन सुन सुन
साजन जी घर आए ...

मेंहदी लाके गहने पाके
हाय रो के तू सबको रुला के
सवेरे चली जाएगी तू बड़ा याद आएगी
तू जाएगी तू बड़ा याद आएगी
तेरे घर आया ...

Friday, September 4, 2015

September 04, 2015

विवाह गीत (फिल्मों से) आदमी सड़क का / आज मेरे यार की शादी है

विवाह गीत (फिल्मों से) 

आदमी सड़क का / आज मेरे यार की शादी है

अमीर से होती हैं, गरीब से होती हैं
दूर से होती हैं, क़रीब से होती हैं
मगर जहाँ भी होती हैं, ऐ मेरे दोस्त
शादियाँ तो नसीब से होती हैं

आज मेरे यार की शादी है
यार की शादी है, मेरे दिलदार की शादी है
लगता है जैसे सारे संसार की शादी है
आज मेरे यार की शादी है...

वक़्त है खूबसूरत, बड़ा शुभ लगन मुहूरत
देखो क्या खूब सजी है, दुल्हे की भोली सूरत
ख़ुशी से झूमे है मन, मिला सजनी को साजन
कैसे संजोग मिले हैं, चोली से बँध गया दामन
एक मासूम कली से मेरे गुलज़ार की शादी है
आज मेरे यार की शादी है...

ओ सुन मरे दिल जानी, तेरी भी ये जवानी
शुरु अब होने लगी है, नयी तेरी जिंदगानी
ख़ुशी से क्यों इतराए, आज तू हमें नचाये
वक़्त वो आने वाला, दुल्हनिया तुझे नचाये
किसी के सपनों के सोलह-सिंगार की शादी है
आज मेरे यार की शादी है...

सारे तारे तोड़ लाऊँ, तेरे सेहरे को सजाऊँ
फूल राहों में बिछाऊँ मैं प्यार के
आज लूँगा मै बलाएं, दूँगा दिल से दुआएं
डाल गले में ये बाँहें अब यार के
एक चमन से देखो आज बहार की शादी है

आज मेरे यार की शादी है... 

Thursday, September 3, 2015

September 03, 2015

विवाह गीत (फिल्मों से) | हम आपके हैं कौन / बाबुल जो तुमने सिखाया

विवाह गीत (फिल्मों से)

हम आपके हैं कौन / बाबुल जो तुमने सिखाया

बाबुल जो तुमने सिखाया, जो तुमसे पाया
सजन घर ले चली, सजन घर मैं चली

यादों के लेकर साये, चली घर पराये, तुम्हारी लाड़ली
कैसे भूल पाऊँगी मैं बाबा, सुनी जो तुमसे कहानियाँ
छोड़ चली आँगन में मइया, बचपन की निशानियाँ
सुन मेरी प्यारी बहना, सजाये रहना, ये बाबुल की गली
सजन घर मैं चली ...

बन गया परदेस घर जन्म का, मिली है दुनिया मुझे नयी
नाम जो पिया से मैं ने जोड़ा, नये रिश्तों से बँध गयी
मेरे ससुर जी पिता हैं, पति देवता हैं, देवर छवि कृष्ण की
सजन घर मैं चली ... 

Wednesday, September 2, 2015

September 02, 2015

विवाह गीत (फ़िल्मों से) | नीलकमल / बाबुल की दुआएं लेती जा

विवाह गीत (फ़िल्मों से)

नीलकमल / बाबुल की दुआएं लेती जा

बाबुल की दुआएं लेती जा
जा तुझको सुखी संसार मिले
मैके की कभी ना याद आए
ससुराल में इतना प्यार मिले
बाबुल की दुआएं ...

नाज़ों से तुझे पाला मैंने
कलियों की तरह फूलों की तरह
बचपन में झुलाया है तुझको
बाँहों ने मेरी झूलों की तरह
मेरे बाग़ की ऐ नाज़ुक डाली
तुझे हर पल नई बहार मिले
बाबुल की दुआएं ...

जिस घर से बँधे हैं भाग तेरे
उस घर में सदा तेरा राज रहे
होंठों पे हँसी की धूप खिले
माथे पे ख़ुशी का ताज रहे
कभी जिसकी जोत न हो फीकी
तुझे ऐसा रूप-सिंगार मिले
बाबुल की दुआएं ...

बीतें तेरे जीवन की घड़ियाँ
आराम की ठंडी छाँवों में
काँटा भी न चुभने पाए कभी
मेरी लाड़ली तेरे पाँवों में
उस द्वार से भी दुख दूर रहें
जिस द्वार से तेरा द्वार मिले
बाबुल की दुआएं ... 

Tuesday, September 1, 2015

September 01, 2015

विवाह गीत (फ़िल्मों से) | नदिया के पार / जब तक पूरे न हो फेरे सात

विवाह गीत (फ़िल्मों से)
नदिया के पार / जब तक पूरे न हो फेरे सात
जब तक पूरे न हों फेरे सात
तब तक दुल्हिन नहीं दुल्हा की
तब तक बबुनी नहीं बबुआ की

अबही तो बबुआ पहली भँवर पड़ी है
अभी तो पहुना दिल्ली दूर खड़ी है
पहली भँवर पड़ी है,दिल्ली दूर खड़ी है
करनी होगी तपस्या सारी रात
सात फेरे सात जन्मों का साथ...

जैसे जैसे भँवर पड़े मन अंगना को छोड़े
एक एक भाँवर नाता अन्जानों से जोड़े
घर अंगना को छोड़े, नाता अन्जानों से जोड़े
सुख की बदरी आंसू की बरसात
सात फेरे सात जन्मों का साथ...

सात फेरे धरो बबुआ भरो सात वचन जी
ऐसे कन्या कैसे अर्पण कर दे तन भी मन भी
उठो उठो बबुनी देखो ध्रुव तारा
ध्रुव तारे सा हो अमर सुहाग तिहारा
ओ देखो देखो ध्रुव तारा, अमर सुहाग तिहारा
सातों फेरे सातों जन्मों का साथ...